 one to one with J.KrishnamurtiIs it possible for the mind not to deteriorate?The mind is old when it is not fresh, when it is always thinking in terms of the past and using the present as a passage to the future. It is such a mind that is not young. And ... आगे पढ़ें...
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 Krishnamurtis during his speech dissolving the Order of the StarWhat follows is the speech made by Jiddu Krishnamurti in 1929 when he dissolved the Order of the Star. The Order of the Star was the organisation built around Krishnamurti by Theosophists who ... आगे पढ़ें...
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 एक साधु ने अपने आश्रम के अंत:वासियों को जगत के विराट विद्यालय में अध्ययन के लिए यात्रा को भेजा था। समय पूरा होने पर वे सब, केवल एक को छोड़कर, वापस लौट आये थे। उनके ज्ञानार्जन और उपलब्धियों को देखकर गुरु बहुत प्रसन्न हुआ था। वे बहुत कुछ सीख कर वापस लौटे ... आगे पढ़ें...
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कहा जाता है, जहाँ ना पहुँचे रवि...वहाँ पहुँचे कवि.....कवियों ने हमेशा देश-समाज और प्रकृति की ओर हमारा ध्यान दिलाया है और उन सबका ध्यान रखा है.......मंगेश डबराल साहब ने भी हमेशा पहाड़ और नदियों की बातें की हैं......हमें उन सबके नजदीक ले जाकर छोड़ा है.......पेश है नदी के ऊपर उनकी एक मार्मिक कविता.......सचिन आगे पढ़ें...
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दुनिया शक्ति का ही सम्मान करती है......यह बात सबको पता है.....संसार में इसी की माँग है.....उगते सूर्य को ही सब प्रणाम करते हैं......बचपन से ही आदरणीय दिनकर साहब की यह कविता मेरी पसंदीदा है......मैं चाहता हूँ कि हर भारतवासी इसे पढ़े और अपने जीवन में अपनाए.....सचिन आगे पढ़ें...
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 एक आदमी , जिसने पहली बार ज्ञान और बोध को अस्तित्व की न्यूरो बायोलोजिकल अवस्था के रुप मे देखा। जिसने कहा कि इसका धार्मिक , मनोवैज्ञानिक या रहस्यवादी आशयों से कोई संबंध नही है। यह एक बिकुल नयी अवधारणा है , "प्रबुध्धता" जैसी चीज़ के प्रति वास्तव मे एक ... आगे पढ़ें...
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माँ की महिमा अपरंपार होती है। माँ की ममता के बारे में हम सब जानते है...सुनते हैं.....समझते हैं लेकिन हमने पिता के बारे में काफी कम बातें की हैं....वो पिता जिसके बगैर परिवार एक दिन भी नहीं चल सकता......वो पिता जो अपने कंधों पर पूरे परिवार का बोझ लेकर चलता है....मरते दम तक.......और वो पिता जो जब तक बना रहता है पूरे परिवार को अपने सिर पर एक साया.....एक छत्रछाया सी महसूस होती रहती है......पिता का होना ही अपने आप में महत्वपूर्ण हैं....हम सब बच्चे कहीं ना कहीं अपने पिता को ही परिलक्षित करते हैं.......उन्हें अपने अंदर जीते हैं........पेश है पिता के ऊपर निजा फाजली की दिल को छू लेने वाली कविता........सचिन आगे पढ़ें...
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 जंगलों के मामले में अपने देश के साथ ही पूरे विश्व की हालत भी लगभग खस्ता है......जहाँ विकसित देश अपनी जिम्मेदारी को थोड़ा-बहुत समझ रहे हैं वहीं विकासशील और अविकसित देश विकास के नाम पर अभी भी अपने यहाँ के जंगलों को हलाल किए जा रहे हैं........मैं समय-समय पर विश्व और भारत में जंगलों के हो रहे विनाश पर खबरें देता रहूँगा.....इनका न्यूज सोर्स फिर भले ही कोई सा भी हो.......वो भी यहाँ उल्लेखित रहेगा.........सचिन आगे पढ़ें...
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जब दिल्ली रहा करता था तो श्री अनुपम मिश्र से मेरी भेंट होती रहती थी.........मैंने उनसे कई बातों के साथ विनम्रता का पाठ भी सीखने की कोशिश थी.....शायद थोड़ा कामयाब हुआ होऊंगा.......उनकी दी हुई किताबें आज भी खरे हैं तालाब और राजस्थान की रजत बूंदे मेरे लिए आज भी धरोहर समान हैं.......मैं उनका यह लेख प्रकाशित कर प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ.......आगे भी उनके लेख लेता रहूँगा........यह लेख वैबदुनिया पहले ही प्रकाशित कर चुका है........सचिन आगे पढ़ें...
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तो दोस्त लोगों बात हो रही थी मीडिया की.......खासकर हिन्दी मीडिया की......तो देश में बड़े हिन्दी अखबार के ग्रुप लगभग दस हैं.....तो मतलब हमारे पास आप्शन भी इतने ही हुए.....वहीं दूसरे सेक्टर्स में कंपनियों की संख्या कई हजारों में है और वह भी बड़े साइज की ... आगे पढ़ें...
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कल देश के कुछ बड़े हिन्दी अखबारों में से एक दैनिक भास्कर के डॉयरेक्टर (मार्केटिंग) गिरीश अग्रवाल की कही बात पढ़ रहा था.....कि देश में आने वाले समय में बहुत से पत्र-पत्रिकाएँ आ रहे हैं इसका मीडिया जगत को जबरदस्त फायदा मिलेगा........फिर कुछ दिन पहले (एक माह ... आगे पढ़ें...
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स्कूल में हमें पढाया जाता है कि पृथ्वी का जल-चक्र एक बन्द प्रणाली है . अर्थात वर्षा और वाष्पीकरण द्वारा सतत रूप बदलता पानी पृथ्वी के वातावरण में जस का तस बना हुआ है. न सिर्फ़ पृथ्वी के निर्माण के समय हमारे ग्रह पर जितना पानी था वह बरकरार है अपितु यह यह ... आगे पढ़ें...
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सचिन शर्माइंदौर। पानी की मनुष्य के जीवन में क्या महत्ता है इसे बताने की शायद किसी को जरूरत नहीं है। यह सभी जानते हैं कि पुराने समाज में पानी को रजत बूंदों के माफिक संभालकर रखा जाता था। इंदौर भी इस मामले में अपवाद नहीं था और होल्कर स्टेट में इसके लिए काफी ... आगे पढ़ें...
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आज दो खबरें पढ़ीं.....पढ़कर मन खट्टा हो गया.......पहली थी कि दुनिया भर में गुरू यानी किसी स्कूल या कॉलेजों में पढ़ाने वाले अध्यापक गुरू दक्षिणा के रूप में अपनी छात्राओं से किसी ना किसी प्रकार यौन सुख की अपेक्षा रखते हैं.......कई मामलों में ये सफल भी हो ... आगे पढ़ें...
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आप लोगों को कल यानी मंगलवार के अखबारों की हैडलाइन अभी से बताना चाहूंगा.....कि भारतीय हॉकी टीम पिछले ८० वर्षों में पहली बार ओलंपिक में नहीं जा पा रही है...और...कि यह देश आठ बार का ओलंपिक हॉकी गोल्ड मेडल विजेता है और एक बार का विश्व-चैंपियन भी है और अब इसकी ... आगे पढ़ें...
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