मैं महिला दिवस मनाए जाने का घोर विरोधी हूँ......इसलिए नहीं कि मैं महिलाओं का विरोधी हूँ.....बल्कि इसलिए क्योंकि यह दिवस बताता है कि महिलाएँ समाज में आज भी कमजोर हैं......यह दिवस मुझे हिन्दी दिवस की याद दिलाता है.....जिस प्रकार हिन्दी दिवस और हिन्दी ...
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