तो दोस्त लोगों बात हो रही थी मीडिया की.......खासकर हिन्दी मीडिया की......तो देश में बड़े हिन्दी अखबार के ग्रुप लगभग दस हैं.....तो मतलब हमारे पास आप्शन भी इतने ही हुए.....वहीं दूसरे सेक्टर्स में कंपनियों की संख्या कई हजारों में है और वह भी बड़े साइज की ...
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