श्रेणियाँ: साहित्य
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21 मार्च, 2008
एक आदमी , जिसने पहली बार ज्ञान और बोध को अस्तित्व की न्यूरो बायोलोजिकल अवस्था के रुप मे देखा। जिसने कहा कि इसका धार्मिक , मनोवैज्ञानिक या रहस्यवादी आशयों से कोई संबंध नही है। यह एक बिकुल नयी अवधारणा है , "प्रबुध्धता" जैसी चीज़ के प्रति वास्तव मे एक ... और पढ़ें...