स्कॉटमैन में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार ग्लासगो हंटेरियन म्यूजियम के डॉयनोसौर विशेषज्ञ डॉ. नील क्लार्क ने बताया कि वो सब तथ्य और आँकड़ें खोजे जा चुके हैं जो उस समय के डॉयनोसौर के इस महापलायन के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। रेल गुल्च पर मिले डॉयनोसौर के फुटप्रिंट्स (पदचिन्ह) ठीक उसी तरह के हैं जो स्काई के स्टाफिन में मिले हैं। दोनों ही फुटप्रिंट्स प्री-हिस्टोरिक समय के हैं।
वे बताते हैं कि स्काई जगह उत्तरी अमेरिका के बहुत नजदीक है और ऐसा बिल्कुल संभव है कि वहाँ से सरक-कर डॉयनोसौर व्योमिंग पहुँच गए हों क्योंकि ठीक ऐसे ही पदचिन्ह व्योमिंग में भी मिले हैं। ऐसा माना जाता है कि मध्य जुरासिक युग में स्कॉटलैण्ड और उत्तरी अमेरिका एक ही महाद्वीप का हिस्सा थे जिसे आज 'पेनगिया' के नाम से जाना जाता है। हालांकि उस समय भी इन दोनों जगहों के बीच 2500 किमी की दूरी थी लेकिन यह दूरी इतनी अधिक भी नहीं थी कि वो पलायन को रोक पाती।
इस बारे में वाशिंगटन डीसी के स्मिथसोनियन नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के डॉयनोसौर विशेषज्ञ डॉ. माइकल ब्रेट सुरमैन कहते हैं कि हम उक्त संभावना को सीधे ही खारिज नहीं कर सकते। जिन विशेषज्ञों ने उन स्थानों का दौरा किया है वो मान रहे हैं कि ऐसा संभव है क्योंकि उस समय ये दोनों महाद्वीप एक ही थे। दोनों ही स्थानों पर एक जैसे पदचिन्ह मिलने पर यह कहा जा सकता है कि यह महा-पलायन हुआ था।
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